"किसी की निंदा करने से यह पता चलता है कि आपका चरित्र क्या है, ना कि उस व्यक्ति का।"
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दोहा:- बाबा हरसू ब्रह्म के, चरणों का करि ध्यान। चालीसा प्रस्तुत करूँ, पावन यश गुण गान।। चालीसा हरसू ब्रह्म रूप अवतारी। जेहि पूजत ...
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आरती श्री हरसू सुरवर की। शिव स्वरूप दुर्धर्ष तेजमय, जिसने देह शिलामय धारी। नृपमणि पीठ शालिवाहन के, विकृत विस्तृत अजिर बिहारी। ...
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ॐ जय शिव ओंकारा, प्रभु हर शिव ओंकारा ब्रह्मा, विष्णु, सदाशिव ब्रह्मा, विष्णु, सदाशिव, अर्द्धांगी धारा ॐ जय शिव ओंकारा एकानन च...
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