Sunday, 22 November 2015

वो बेगाना याद आता है,

बारिश में यूँ भीगकर,
कोई जमाना याद आता है,
जो हुआ न अपना,
वो बेगाना याद आता है,
याद आ रहा है वो पल,
जब वो भीगकर आई थी,
मेरे सामने जैसे कोई,
अप्सरा उतर आई थी,
फिर हाथो में लेकर हाथ,
हम नहाये थे एक साथ,
आज अकेले भीगते हुये,
वो अफसाना याद आता है,
जो हुआ न अपना,
वो बेगाना याद आता है,
याद आ रहा है वो पल भी,
जब हम साथ नहा कर आये थे,
ठंढ के मारे हमारे,
दांत कटकटाये थे,
फिर हम सिमटे थे,
एक दूसरे की चादर बन,
आज बारिश में अकेले भीगकर,
विक्रान्त को वो याराना याद आता है,
जो हुआ न अपना,
वो बेगाना याद आता है।

Saturday, 31 October 2015

न कर सके/ Na kar sake

एक पल की जुदाई हम गवारा न कर सके,
ऐसा इश्क हम दोबारा न कर सके,
जिंदगी भर पलट के न देखा कभी,
फिर भी हम शिकवा तुम्हारा न कर सके,
तुमने हर किसी से दिल लगाकर देखा,
मगर हम अपने दिल को आवारा न कर सके,
अपनी सारी खुशियाँ लुटा दी उन के प्यार में मगर,
एक दिल वो अपना, हमारा न कर सके।।

Ek pal ki judai hum gawara na kar sake,
Aisa ishq hum dobara na kar sake,
Zindagi bhar palat ke na dekha kabhi,
Fir bhi hum shikwa tumhara na kar sake,
Tumne har kisi se dil lagakar dekha,
Magar hum apne dil ko aawara na kar sake,
Apni sari khushiya luta di unke pyar me magar,
Ek dil wo apna hamara na kar sake

Tuesday, 9 June 2015

मुझे बस मेरा प्यार चाहिए

जो बनी हो मेरे लिए,
जिसके लिए मैं जी रहा हूँ,
जो कहे हम साथ हैं तेरे,
जिसके लिए मैं तड़प रहा हूँ,
एक ऐसा दिलदार चाहिए,
मुझे बस मेरा प्यार चाहिए,
आने से जिसके फूल मुस्कुरा जाये,
चलने से जिसके हवा शरमा जाये,
जो हर वक़्त रहे साथ मेरे,
चाहे सारी दुनिया मुझसे रूठ जाये,
ऐसा ही एक ऐतबार चाहिए,
मुझे बस मेरा प्यार चाहिए,
हर बार मिली थी मुझको जो,
इस बार अभी तक खोई है,
इक बार वो मुझसे मिल जाये,
तो मेरा जीवन भर जाये,
विक्रान्त को उसका खोया हुआ यार चाहिए,
मुझे बस मेरा प्यार चाहिए....।।

बहुत तुम याद आती हो....

मैं अब ये बात कहता हूँ,
बहुत तुम याद आती हो,
तुम्हे जब भूलना चाहूँ,
ये रिश्ता तोडना चाहूँ,
न जाने क्यू मेरे दिल में,
तुम्ही हर वक़्त रहती हो,
जब भी तुम याद आती हो,
ये आँखे भीग जाती हैं,
लव भी थम से जाते हैं,
विक्रान्त कहता तो सभी से है,
कि तुमको भुला दिया उसने,
तेरी मासूम सी बाते,
तेरा वो प्यारा सा चेहरा,
मैं कैसे भूल जाऊँ सब,
बहुत मुश्किल है ये करना,
बस इतना ही कह सकता हूँ,
बहुत तुम याद आती हो,
हर पल तुम याद आती हो....।

Saturday, 28 March 2015

तुझसे मिल जाने को दिल करता है।

तेरी झील सी गहरी आँखों में,
खो जाने को दिल करता है,
दूर रहकर भी तेरी यादों में,
खो जाने को दिल करता है,
तुझसे मिल जाने को दिल करता है।
तेरी तस्वीर निहारूँ शाम ओ सहर,
पुजूँ तुझको दिल ही दिल में,
अब तेरी यादों के सागर में,
खो जाने को दिल करता है,
तुझसे मिल जाने को दिल करता है।
तेरी याद में तड़पूं मैं हर पल,
तेरी यादों के बिन मैं ना रह पाऊँ,
अब तुझसे मिलकर के तुझमे,
खो जाने को दिल करता है,
तुझसे मिल जाने को दिल करता है।
तुझसे मिलकर के ऐ "जाना",
विक्रान्त चाहे तेरी मांग सजाना अब,
दुनिया को भुलाकर बस तुझमे,
खो जाने को दिल करता है,
तुझसे मिल जाने को दिल करता है।

Saturday, 22 November 2014

अब तड़पाना छोड़ दे!


उससे कह दो अगर मोहब्बत नहीं,
तो मेरे ख्वाबो में आना छोड़ दे,
आजा जिन्दगी में मेरी,
या फिर रातो को जगाना छोड़ दे,
दूर  ही  रहे  मुझसे,
नजदीकियां बढ़ाना छोड़ दे,
इजहार मोहब्बत का कर दे,
या फिर मुझे देखकर मुस्कुराना छोड़ दे,
अगर नफरत है मुझसे तो,
फिर आँखे मिलाना छोड़ दे,
अपना हम सफर बना ले मुझको,
या सबको मेरे किस्से सुनाना छोड़ दे,
विक्रान्त पहले से ही घायल है,
उसे अब तड़पाना छोड़ दे।